लगभग पिछले एक महीनें से मेरे चिट्ठे-विश्लेषण और चिट्ठाकरों की बहस और विवाद अब नयी शक्ल लेता जा रहा है अब लग रहा है कि सभी महिला ब्लॉगर्स जो अपने द्वारा निर्मित मंच "चोखेर बाली" से एक अलग दिशा बना रही हैं जो शायद सार्थक भी हो, कुछ वरिष्ठ चिट्ठाकरों और महिला चिट्ठाकारों के अनसुलझे सवाल और उससे भी उलझे जवाब, कुछेक लोगों का स्वागत , कुछ का उपहास,कुछ की सलाह और कुछ की मूकदर्शिकता.... ये सब कुछ तो अधूरापन लिये हुये हैं जो एक स्त्री,औरत और लड़की होने को सार्थक नहीं कर पाया है. अब तक सभी लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी लेकिन निष्कर्ष (( 0 )) निकला लेकिन ये बाते अपने पीछे और काफ़ी सवाल छोड़ गये हैं जिनमें से मैं कुछ सवाल कुछ अंतराल पर सभी ब्लॉगर्स,खासकर महिला ब्लॉगर्स से भी पूछना चाहूंगा.
आज का सवाल
आप एक औरत को किस रूप में देखना चाहते हैं और क्यों?
नोटःक्रपया अपने जवाब मुझे टिप्पणी के रूप में दें तो ज्यादा अच्छा यां तो कोई ब्लॉग भी लिख सकते हैं.
आज का सवाल
आप एक औरत को किस रूप में देखना चाहते हैं और क्यों?
नोटःक्रपया अपने जवाब मुझे टिप्पणी के रूप में दें तो ज्यादा अच्छा यां तो कोई ब्लॉग भी लिख सकते हैं.