शनिवार, 14 मार्च 2009

लोकतंत्र पर हावी एक अदना सा आई.पी.एल.

Posted on 4:38:00 pm by kamlesh madaan

पिछले कुछ हफ़्तों से बस दो ही विषय सुनायी दे रहे हैं पहला तो चुनाव और दूसरा आई.पी.एल

अव्वल तो चुनाव के लिये ही मारामारी और काफ़ी हो-हल्ला मचा, नवीन चावला की बर्खास्तगी और नियुक्ति चर्चा का विषय बनीं लेकिन इन सबको एक कामयाब व्यापारी यां ये भी कह सकते हैं कि बाजीगर " ललित मोदी" ने अपनी आई.पी.एल. को जिस तरह हाशिये पर ला खड़ा किया है जिससे देश के राज्यों को चुनाव के परिणामों में कमीं सी लग रही है.

राज्यों को लग रहा है वोट के दिन क्रिकेट का खेल उनका आंकड़ा बिगाढ सकता है, और शायद यह भी सच हो.

अब बात मुद्दे की....क्या इस देश के लोग वोट देने से बेहतर क्रिकेट देखना ज्यादा जरूरी समझते हैं ?

क्या इस देश के लोगों व राज्यों की सरकारों को ललित मोदी जैसे कारोबारियों ने भ्रमजाल में फ़ांस लिया है कि वो इस खेल के आगे कुछ सोच ही नहीं रहे हैं ?

सुरक्षा मुद्दा जैसे कोई देश की सुरक्षा यां प्रतिष्ठा का सवाल है तो ये खेल रद्द क्यों नहीं हो जाता?

संसद यां सांसदों को नक्सलवाद,आतंकवाद,मुम्बई हमले,गरीबी नहीं नजर आ रही है?

लगता है इस देश को भी पाकिस्तान जैसे देश की तरह टालमटोल और झूठे रवैये की आदत हो चली है जिससे वो बस सिर्फ़ अपने आप को झूठी तसल्ली देता है कि हम खुश है!

सबसे बड़ी बात "मीडिया" को न जाने कौन सा सांप सूंघ गया है कि वो भी बस सच दिखाने के नाम पर सचिन और सहवाग के रिकार्ड को दिखाता रहता है,

अभी भी भुज,बिहार,निठारी,झारखंड,असम जैसे कई मुद्दे और विषय अपनी-अपनी जमीन की तलाश में हैं लेकिन इस मीडिया को खानों की लड़ाइयों,क्रिकेट चीयर-लीडर्स,सांप जैसे विषयों से फ़ुर्सत नहीं मिल रही है.

तो अब लग रहा है कि देश के भविष्य को संवारने का काम भी शायद ये क्रिकेट के व्यापारी ही करने वाले हैं, क्योंकि किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने ये तक नहीं कहा कि ये खेल देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनाव से बड़े हो गयें है इस खेल का बहिष्कार हो ताकि देशवासियों को अपनी ताकत का एहसास हो.

जय हो! जय हो!

2 Response to "लोकतंत्र पर हावी एक अदना सा आई.पी.एल."

.
gravatar
रचना Says....

mujhe lagtaa haen ipl nahin hona chahiyae . bahut paesa aur samay logo ka nasht hota haen . saaraa saara din tv kae aagey log samay vyarth kartey haen aur bijli ka kharcha bhi bhahut hota haen

.
gravatar
अनिल कान्त : Says....

खामखाँ धन कमाने का तरीका बना लिया है इन्होने