शुक्रवार, 10 अक्तूबर 2008

क्या बिना एंटी-वायरस के सेफ़ इंटरनेट ब्राउजिंग संभव है?

Posted on 6:52:00 pm by kamlesh madaan

यकीन नहीं होता ना! लेकिन ये मैने संभव किया है क्योंकि मैं पिछले छः माह से बिना एंटी-वायरस के कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहा हूँ और वो भी बिना किसी नुकसान के.

अब कैसे संभव हुआ ये जानते हैं.....

सबसे पहले मैने फ़ायर-फ़ॉक्स का एक पुराना वर्जन डाउनलोड किया वर्जन है 2.0.0.11 ये इसका एक अच्छा वर्जन है जो सारे के सारे प्लग-इन और स्पीड के साथ चलता है.

अब डाउनलोड करने बाद इसके ऑप्शन में जायें जो टूल्स मैन्यू में है, ऑप्शन में पहला टैब है मेन इसमें चाहे तो आप ब्लैंक पेज यानी खाली पेज भी रख सकते हैं


अब इसके तुरंत बाद प्राइवेसी टैब में आ जाते हैं जो इसका एक बहुत अच्छा ऑप्शन है

इसमें आप चाहें तो अपने काम को रिमेम्बर यानी कि याद भी रख सकते हैं

ठीक इसके नीचे कुकीस का ऑप्शन है जो आप चाहें रखें यां न रखे आपकी मर्जी

अब बारी है इसके एक महत्वपूर्ण हिस्से की यानी कि प्राइवेट डाटा टैब की . इसमें पहले ऑप्शन को चैक करें दूसरे ऑप्शन को चैक करने से हर बार आपके डाटा को खाली करने के लिये ये पूछता रहेगा जो कि एक तंग करने वाला काम है
इसमें सैटिंग्स का एक बटन है जिसमें आप क्लिक करके हर वो डाटा आप ऑटोमैटिकली क्लियर कर सकते हैं जिसकी आपको जरूरत नहीं जैसे कि कुकीस,सैशन,हिस्ट्री,वेब-फ़ॉर्म आदि..

ये तो रही इसकी खूबियां लेकिन अब जानते हैं कुछ खास इस फ़ाय-फ़ॉक्स के बारे में.....
अब इसी टूल्स ऑप्शन में एड-ऑन्स नाम का एक बटन आता है आप क्लिक करिये फ़िर इस तरह का बॉक्स खुलेगा आप उसमें गैट-एक्सटेंशन्स पर क्लिक क्रेंगे तो एक वेब पेज खुल जायेगा




बस अब आप इस वेब पेज में सर्च के ऑप्शन में ये लिख दीजिये add block और फ़िर इसको एड कर लिजिये फ़िर एक और जरूरी प्लग-इन wot को भी ढूंढ लीजिये और फ़िर डाउनलोड होने के बाद ये रिस्टार्ट मांगेगा. लीजिये तैयार है रिस्क-फ़्री इंटरनेट सर्फ़िंग

एड-ब्लॉक प्लस फ़ायरफ़ॉक्स का एक अचूक हथियार है इसके आते ही किसी भी वेबपेज की सारी की सारी प्रचार सामग्री प्रतिबन्धित हो जायेगी और कोई भी पॉप-अप एड भी नहीं आयेगा ये आप इस रैडिफ़.कॉम के मुख्य-प्रष्ठ पर भी लागू है



आप चाहें तो किसी भी एड चाहे वो चित्र हो यां वो कोई फ़्लैश एनीमेशन भी हो आप ब्लॉक कर सकते है.


अब बारी है WOT यानी Web Of Trust ये एक ऐसी वेबसाइट और प्लग-इन का नाम है जिसमे कोई भी वेब एडरेस टाइप करने के बाद उसका काम है उस वेब-पेज और वेबसाइट के बारे में सही जानकारी देना अगर बटन हरा है तो समझिये कि पेज और वेबसाइट भरोसेमंद हैं

यदि पीला है तो समझिये कि नुक्सान की संभावना है और लाल होने पर ये स्वतः ही पेज को रोक देगा और वार्निंग देगा. देखिये गूगल खोलने पर क्या दिखायी दिया



अब शुरू कीजिये एक स्वस्थ और सुरक्षित सर्फ़िंग.

8 Response to "क्या बिना एंटी-वायरस के सेफ़ इंटरनेट ब्राउजिंग संभव है?"

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Vivek Gupta Says....

हाँ फायर फाक्स आपको वाइरस से बचा सकता है | आपका ब्लाग बहुत शानदार है | मुझे आपका वेब डिजायन बहुत पसंद आया | आप ने इसको इतना आकर्षक कैसे बनाया इसे भी बताये | मेरा ईमेल : mailtovivekgupta@gmail.com

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vijay gaur/विजय गौड़ Says....

मामला तो कुछ जम रहा है, पर भेजे में घुसा नहीं। इसमें आपका कोई दोष नहीं, अपनी जानकारी का ही आभाव है। चलो बार बार पढूं तो शायद समझने लगूं । आभार आपका जानकारी देने के लिये।

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Raviratlami Says....

वैसे, लिनक्स के बारे में क्या खयाल है? पिछले कोई दस सालों से बिना एंटीवायरस मैं भी उसे धुआंधार चला रहा हूं. बगैर किसी अतिरिक्त सेटिंग के...

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लवली Says....

रवि जी से सहमत ,मैक भी बुरा नही है.सारे(अधिकतर ) वायरस बिल्लु दी खिड़की यानि विन्डोज़ की संरचना को ध्यान में रखकर बनाये जाते हैं.इसकी रजिस्टरी को संक्रमित करना आसान होता है .और एक बार संक्रमित हो जाने के बाद ,अगर हटा भी दो तो रिकवरी करना आसन होता है वायरसों के लिए.

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आमिर Says....

अगर मुझे कोई फाईल डाउनलोड करनी हो?